August 2009 - अंगारे

अंगारे

हाथों में अंगारों को लिये सोच रहा था / कोई मुझे अंगारों की तासीर बताये ।

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Friday, August 14, 2009

Sunday, August 9, 2009

दिलीप कुमार के लेबल को कोई छू नहीं सकता - राजकपूर

6:00 AM 2
सन 1982 की सर्दी की एक रात। पाली हिल के एक बंगले में आधी रात के बाद टेलीफोन की घंटी घनघना उठी। उनींदी की अवस्था में एक व्यक्ति ने रिसीवर उठा...
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Saturday, August 8, 2009

सत्यवादी क्रांति

1:20 AM 0
- विनोद विप्लव भारत दिनों एक महान क्रांति के दौर से गुजर रहा है। वैसे तो हमारे देश और दुनिया में कई क्रांतियां हुयी हैं। मसलन औद्योगिक क्रां...
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