January 2010 - अंगारे

अंगारे

हाथों में अंगारों को लिये सोच रहा था / कोई मुझे अंगारों की तासीर बताये ।

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Thursday, January 14, 2010

Friday, January 1, 2010

ढिबरी चैनल का घोषणापत्र

12:59 AM 2
(नोट - यह व्यंग्य रचना महान व्यंग्कार एवं गुरूवर हरिशंकर परसाई की एक प्रसिद्ध व्यंग्य रचना से प्रभावित है और मुझे लगता है कि अगर परसाई जी आज...
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